कविता बुंदेलखंडी
‘ख़बर लहरिया’ से 2002 से जुड़ी हुईं हैं…
आज वे इस अखबार की एडिटर हैं- जो देश का एकमात्र मीडिया संगठन है जिसे पूरी तरह ग्रामीण महिलाओं द्वारा चलाया जाता है.
अख़बार की शुरुआत बुंदेलखंड के चित्रकूट जैसे पिछड़े इलाके से हुई.
उद्देश्य: गांवों की ख़बरों कको पहुंचा देना और उनकी समस्याओं को देश तक पहुंचाना.
महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और ग्रामीण भारत के मुद्दों को लगभग नज़रअंदाज़ किया जाता है.

