लीक से अलग हटकर- स्पेशल पॉजिटिव स्टोरी
कविता झा
अध्यक्ष, जन सरोकार ट्रस्ट
झारखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सरकार के मंत्रीमंडल में शामिल सबसे काबिल और विकास के लिए प्रतिबद्ध कैबिनेट मंत्री का नाम डॉ. इरफान अंसारी है. विपक्ष की नजर में भले ही वे अपने बयानों से विवादों के बादशाह माने जाते हो, लेकिन सच तो यह कि डॉ. इरफान सच्चे मयाने में शोषितों, पीडितों के मंत्री हैं. उनका आवास हर गरीब के लिए खुला है. वे सच के योद्धा हैं.
बड़ी भर्ती योजना : 10,000+ डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्तियां घोषणा की गईं
स्क्रीनिंग अभियान एवं रोग नियंत्रण : पूरे राज्य में कैंसर स्क्रीनिंग तंत्र लागू, मुफ्त स्क्रीनिंग शिविर लगाए गए
सिकल सेल रोग की राज्यव्यापी जांच, बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर की योजना
आपात सेवाओं में सुधार : 300 नई एम्बुलेंस तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बाइक एम्बुलेंस सेवाएं शुरू
निगरानी और नियमन : निजी अस्पतालों में शव रुकावट पर रोक,
दिए गए भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त वक्तव्य, सिस्टम सुधार घोषणाएं
राजकीय भूमिकाएं : स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, भोजन, उपभोक्ता मामले, और आपदा प्रबंधन के लिए 8 जुलाई 2024 से झारखंड के कैबिनेट मंत्री
2024 तक ग्रामीण विकास मंत्री और झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं
मंत्री के तौर पर बड़ी पहलें
स्वास्थ्य ढांचे में आधुनिकीकरण : सरकारी अस्पतालों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सुपर‑स्पेशियलिटी अस्पतालों में बदला, रिम्स का पुनर्विकास, मेडलैब सुविधाएं
रिम्स निदेशक को हटाया गया-तीव्र निर्णायक कार्रवाई
1. कर्मियों की भर्ती : 10,000+ पद भरे जाएंगे
विधानसभा में बताया गया कि अगले एक वर्ष में डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के 10,000 से अधिक खाली पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी.
मार्च 2025 में 166 और अन्य कार्यक्रमों में 105 डॉक्टर व 57 OT तकनीशियनों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए.
2. अस्पतालों का बुनियादी और तकनीकी रूप से आधुनिकीकरण
RIMS का पुनर्विकास: 6,500 करोड़ रुपये लागत पर बिस्तरों की संख्या 2,200 से बढ़ाकर 3,500 की जाएगी, OPD सुविधाएँ 5,000 लोगों के अनुसार तैयार होंगी तथा 14-मंजिला छात्र हॉस्टल भी बनेगा.
5 सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल और हर जिले में एक नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे .
ट्रामा सेंटर (48 नए) और ICU सुविधाएं भी हर सदर अस्पताल में विकसित होंगी.
3. आपात सेवाओं की सुदृढ़ता
300 नई एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएंगी, बाइक एम्बुलेंस से ‘सहिया’ स्वास्थ्य कार्यकर्ता ग्रामीण इलाकों में पहुंच बढ़ाएंगी.
“मेडिको सिटी” रांची में जल्द शुरू होगी, साथ ही हर जिले में हेल्थ कोटेज जैसे छोटे केन्द्र स्थापित होंगे.
4. स्क्रीनिंग और रोग नियंत्रण अभियान
सिकल सेल एनीमिया के विरुद्ध पूरे राज्य में व्यापक स्क्रीनिंग अभियान शुरू (विशेषकर आदिवासी आबादी वाले जिलों में), साथ में Bone Marrow ट्रांसप्लांट केन्द्र की स्थापना.
कैंसर स्क्रीनिंग: रिसोर्स कमियों का मुकाबला करने हेतु कैंसर हॉस्पिटल, मुफ्त अल्ट्रासाउंड और स्क्रीनिंग अभियान शुरु — एवं साइकिलिंग-कैंसर जागरूकता पोस्टरों का लोकार्पण.
5. प्राइवेट अस्पतालों में सुधार और नियंत्रण
बिल भुगतान या शव सौंपने में देरी पर कार्रवाई करने की चेतावनी, फर्जी डिग्री वालों पर शिकंजा.
निजी अस्पतालों की मनमानी और मरीजों पर अति-शुल्क वसूली पर सरकारी निगरानी बढ़ाई गई.
6. अन्य प्रमुख निर्णय
सरकारी डॉक्टरों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गईं ताकि आपात स्थिति (जैसे बॉर्डर) के समय पूरी तैयारी रहे.
सीसीटीवी कैमरों से 4,000+ दवा दुकानों की निगरानी शुरू; नशामुक्त अभियान एवं मानसून से पहले अग्रिम राशन योजना भी चलाई गई.
झारखंड के अस्पतालों में होगा बड़ा बदलाव
मरीजों को एक ही छत के नीचे मिलेंगी सारी सुविधाएं
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि अस्पतालों में इलाज जांच और दवा की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेगी. अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि मरीजों को बाहर न जाना पड़े. स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया गया. सरकार का लक्ष्य है कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को देश में अग्रणी बनाया जाए. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा है कि स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती के लिए संस्थानों को सशक्त करना जरूरी है. उन्होंने जोर दिया कि स्वास्थ्य विभाग को तेजी, पारदर्शिता और समन्वय के साथ आत्मनिर्भर बनाया जाएगा. तेजी का मतलब लापरवाही नहीं, बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य जरूरतों को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करना है. सरकार का लक्ष्य है कि हर सरकारी अस्पताल में इलाज, जांच और दवा की संपूर्ण सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो, ताकि मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़े. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करके राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए छह नए मेडिकल कॉलेज, रांची में एम्स की स्थापना और एक मेडिको सिटी की स्थापना की स्वीकृति की मांग की. इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. डॉ. अंसारी ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि झारखंड में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण उन्हें अक्सर दूसरे राज्यों में इलाज के लिए जाना पड़ता है. इसके लिए उन्होंने राज्य में एक समर्पित मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (मेडिको सिटी) की आवश्यकता की बात की, जो मरीजों के लिए पर्याप्त चिकित्सा सेवाएं प्रदान
कर सके. उन्होंने नेशनल मेडिकल कमीशन के मानकों का हवाला देते हुए बताया कि झारखंड जैसे राज्य में जनसंख्या के हिसाब से कम से कम 39 मेडिकल कॉलेज होने चाहिए, जबकि वर्तमान में राज्य में सिर्फ नौ मेडिकल कॉलेज हैं. इसके अलावा, डॉ. अंसारी ने रांची में एम्स की स्थापना की मांग भी की, क्योंकि रांची राज्य की चिकित्सा गतिविधियों का केंद्र है और यहां एक एम्स की अत्यधिक आवश्यकता है.
आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित भुगतान पर चिंता
डॉ. अंसारी ने केंद्र से राज्य के 213 सूचीबद्ध अस्पतालों के आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित भुगतान पर भी शीघ्र समाधान की अपील की. उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कहा कि ईडी के हस्तक्षेप के कारण अस्पतालों को भुगतान में देरी हो रही है, जिससे मरीजों और अस्पतालों को काफी परेशानियां हो रही हैं. केंद्रीय मंत्री ने इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को भुगतान प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए.
रिनपास के अपग्रेडेशन की मांग
स्वास्थ्य मंत्री ने रिनपास (रांची इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड अलाइड Sciences) को अपग्रेड करने के लिए भी केंद्रीय मंत्री से आर्थिक सहायता की मांग की. उन्होंने इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री को रिनपास के शताब्दी समारोह में आमंत्रित किया और रांची से उनके व्यक्तिगत जुड़ाव पर भी चर्चा की.

