Author: Jansarokar News Desk

भुवन ऋभु भारत के प्रसिद्ध बाल अधिकार कार्यकर्ता, कानूनी विशेषज्ञ, तथा जनहित याचिकाओं (PIL) के प्रमुख वकील हैं. वे कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थापित संस्था बचपन बचाओ आंदोलन (BBA) के साथ लंबे समय से जुड़े हुए हैं. उनका मुख्य कार्य बच्चों की तस्करी, बाल मजदूरी, बंधुआ मजदूरी, बाल यौन-शोषण और स्कूल से दूर बच्चों के लिए न्याय सुनिश्चित करना है.

Read More

डॉ. निलय रंजन एक वरिष्ठ कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) और सतत विकास (Sustainability) विशेषज्ञ हैं. वे वीआई फाउंडेशन (वोडाफोन आइडिया फाउंडेशन) में सीएसआर और सतत विकास प्रमुख के रूप में कार्य कर चुके हैं. इसके बाद वे एयर इंडिया लिमिटेड में सतत विकास और सीएसआर प्रमुख के पद पर भी कार्यरत रहे हैं. उनका करियर कॉर्पोरेट क्षेत्र, विकास कार्य, शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्रों में 20 से अधिक वर्षों के अनुभव से समृद्ध है.

Read More

कल्पना सोरेन झारखंड की प्रमुख आदिवासी महिला नेता हैं. वे झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़ी हैं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी हैं. सामाजिक कार्यों और आदिवासी अधिकारों के मुद्दों पर उनकी सक्रिय पहचान रही है. पहचान और प्रभाव : शांत लेकिन दृढ़ व्यक्तित्व आदिवासी समाज, महिलाओं और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों पर मुखर भूमिका सामाजिक न्याय, अधिकार और संवैधानिक मूल्यों की पक्षधर संकट और राजनीतिक दबाव के समय में हेमंत सोरेन के समर्थन में सार्वजनिक रूप से सामने आईं

Read More

कुमार मंजीनाथ देश की प्रमुख सामाजिक संस्था Head Held High Foundation में ऑपरेशन्स निदेशक (Director of Operations) के रूप में कार्यरत हैं. ग्रामीण गरीबी, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े बड़े अभियानों की जिम्मेदारी उनके पास है. उन्होंने University of Mysore से B.Sc. और आगे SPJIMR, मुंबई से डिवेलपमेंट मैनेजमेंट में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया. यह शिक्षा उन्हें सामाजिक परिवर्तन की योजनाओं को लागू करने में गहरी समझ देती है. कुमार मंजूनाथ का करियर कॉल-सेंटर, सेल्स, कॉर्पोरेट और कंसल्टिंग जैसे विविध क्षेत्रों से शुरू होकर सामाजिक विकास क्षेत्र तक पहुंचा. विभिन्न क्षेत्रों का अनुभव उन्हें ग्रामीण भारत के लिए प्रभावी मॉडल…

Read More

सोनम वांगचुक का वर्ष 2025 संघर्ष, आंदोलन और पहचान से भरा रहा. लद्दाख के राज्य दर्जे और छठी अनुसूची की मांग, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून में गिरफ्तारी, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और टाइम सौ सम्मान-इन सबने उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया.

Read More

आमोद कंठ एक पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं जिन्होंने पुलिस सेवा के बाद सामाजिक न्याय, बच्चों के अधिकार, महिला सुरक्षा, मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण काम किया है. वे प्रयास जैसे संगठनों से जुड़कर संकटग्रस्त बच्चों और कमजोर समुदायों के लिए काम करने वाले राष्ट्रव्यापी अभियानों से जुड़े रहे हैं.

Read More

पुष्पम प्रिया चौधरी बिहार की एक युवा राजनीतिक नेता, नवाचारवादी और The Plurals Party (टीपीपी/Plurals) की संस्थापक एवं अध्यक्ष हैं.

Read More

राजेश टंडन भागीदारी अनुसंधान, लोकतांत्रिक शासन, नागरिक समाज और वयस्क शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त चिंतक, शिक्षक और प्रैक्टिशनर हैं. उन्हें विशेष रूप से ज्ञान के लोकतंत्रीकरण और समुदाय-आधारित अनुसंधान को सशक्त करने के लिए जाना जाता है.

Read More

‘समानता की हर कहानी में छिपी है जेंडर की कहानी’ फेमिनिस्ट रिसर्चर और शांति एक्टिविस्ट कीर्ति जयकुमार का मानना है कि दुनिया में मौजूद हर असमानता की जड़ लैंगिक असमानता है.

Read More