Author: Jansarokar News Desk

डॉ. प्रभात कुमार का जन्म मेदिनीनगर उर्फ़ डाल्टनगंज में 19/01/1962 को हुआ. पलामू जिले के पांडु प्रखंड से इनके पूर्वज ताल्लुक़ रखते हैं. उनके पिताजी स्वर्गीय शिव कुमार प्रख्यात शिक्षाविद रहे.स्वर्गीय किरण बाला स्नेहमई माता आजीवन समाज की सेवा करती रहीं. पिताजी शिक्षक और डॉ प्रभात जी के 11+2 स्कूल के प्राचार्य भी रहे. उनके पिताजी क्लास 11 तक सभी विषयों को पढ़ाने वाले शिक्षक थे. उनके अलावा अन्य आदरणीय शिक्षकों ने उन्हें पढ़ाया.

Read More

Naam Foundation की स्थापना : नाना पाटेकर ने 2015 में अपने साथी अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर यह फाउंडेशन शुरू किया, जिसका उद्देश्य सूखा-ग्रस्त, कर्ज-बैकवरी और संकट में फंसे किसानों की मदद करना है. कर्ज़ व सूखा प्रभावित किसानों की तत्काल मदद : 2015 में, महाराष्ट्र के विडर्भा और मराठवाड़ा क्षेत्रों में आत्महत्या कर चुके किसानों के परिवारों को उन्होंने सीधे चेक बांटे. उदाहरण स्वरूप, विडर्भा के 62 परिवारों और लातूर-उस्मानाबाद के 113 परिवारों को ₹15,000 प्रति परिवार मदद दी गई.

Read More

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वर्तमान सरसंघचालक हैं. वे भारत के प्रमुख वैचारिक, सामाजिक और सांस्कृतिक नेतृत्वकर्ताओं में गिने जाते हैं. उनका कार्य भारतीय समाज में राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर केंद्रित रहा है. आरएसएस की वैचारिक दिशा और संगठनात्मक मार्गदर्शन देशभर में स्वयंसेवकों को सामाजिक सेवा के लिए प्रेरित करना समाज में राष्ट्रभाव, अनुशासन और सेवा संस्कार को मजबूत करना

Read More

कविता बुंदेलखंडी ‘ख़बर लहरिया’ से 2002 से जुड़ी हुईं हैं… आज वे इस अखबार की एडिटर हैं- जो देश का एकमात्र मीडिया संगठन है जिसे पूरी तरह ग्रामीण महिलाओं द्वारा चलाया जाता है. अख़बार की शुरुआत बुंदेलखंड के चित्रकूट जैसे पिछड़े इलाके से हुई. उद्देश्य: गांवों की ख़बरों क​को पहुंचा देना और उनकी समस्याओं को देश तक पहुंचाना. महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और ग्रामीण भारत के मुद्दों को लगभग नज़रअंदाज़ किया जाता है.

Read More

हिंदी साहित्य व भारतीय पत्रकारिता के ​​​​शिखर ​हस्ताक्षर और मार्गदर्शक अ​भिभावक आदरणीय कमलेश्वर जी को जन सरोकार टीम की तरफ से जन्मदिन के मौके पर याद करते हुए हमसब उन्हें मिस कर रहे हैं।

Read More

1. प्राकृतिक आपदाओं हिंसा या सामाजिक संकट के समय पीड़ितों से मिलना 2. राहत, पुनर्वास और न्याय की मांग को सार्वजनिक रूप से उठाना 3. पीड़ित महिलाओं से मुलाकात कर न्याय की मांग उठाना राहुल गांधी भारतीय राजनीति के प्रमुख नेता होने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं. उनका सामाजिक योगदान मुख्यतः जनसंवाद, हाशिए पर खड़े वर्गों की आवाज़ उठाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा से जुड़ा रहा है…

Read More

पद्मश्री अवॉर्डी एनवायरनमेंटलिस्ट जमुना टुडू से मिलिए एडवोकेसी और लीडरशिप की दुनिया में कई लोग चुपचाप अपना जीवन समर्पित कर देते हैं, लेकिन समाज उन्हें देर से पहचानता है. जमुना टुडू, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “लेडी टार्ज़न” की उपाधि दी, ऐसी ही एक पर्यावरण-नायिका हैं जिनकी लड़ाई पेड़ों, जंगलों और प्रकृति के लिए है.

Read More

धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सामूहिक एकता और सद्भाव उदाहरणों व कथाओं के माध्यम से गूढ़ बातों की सरल व्याख्या कथावाचक प्रदीप मिश्रा भारत के प्रसिद्ध शिव-कथावाचक, आध्यात्मिक वक्ता और धर्मप्रचारक हैं. वे विशेष रूप से शिव महापुराण कथा के माध्यम से देश-विदेश में व्यापक पहचान रखते हैं. उनकी कथाओं में भक्ति के साथ-साथ जीवन मूल्यों, नैतिकता और सामाजिक संदेशों का समावेश होता है…

Read More

और सब ठीक है सजय झा, एडिटर साल बदलते रहता है. समय अपनी गति से चलते रहता है. दिन, महीने और ता​रीख का बदलना तय है. मनुष्य ने अपनी सहूलियत के अनुसार अपने-अपने हिस्से के कलेंडर की तारीख तय कर ली है. समय किसी का इंतजार नहीं करता. जो होना होता है वो समय के भीतर होता है. समय के बाहर कुछ भी नहीं होता. समय अच्छा है, समय खराब है ये सब फालतू किस्म का बकवास है. समय तो बस समय है. सच और झूठ के बीच सदियों से संघर्ष चला आ रहा है. अच्छे और बुरे लोगों ने मिलकर…

Read More