Author: Jansarokar News Desk

मार्कंडेय काटजू भारत के प्रसिद्ध न्यायविद्, लेखक, चिंतक और सामाजिक-राजनीतिक विश्लेषक हैं. वे भारत के पूर्व सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. उन्हें उनके स्पष्ट, बेबाक और कई बार विवादास्पद विचारों के लिए जाना जाता है.

Read More

ऑगस्टिना सोरेंग झारखंड के सिमडेगा जिले की निवासी एक समाजसेवी और महिला अधिकार कार्यकर्ता हैं. वह विशेष रूप से आदिवासी महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए काम करती हैं. समुदाय में प्रभाव ऑगस्टिना की (जमीनी स्तर पर काम) सीधे उन समुदायों को प्रभावित करती है जहाँ अक्सर महिलाओं की शिक्षा, अधिकारों की जानकारी, और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं सीमित रहती हैं.

Read More

2000 के बाद शिवसेना में नेतृत्व और उत्तराधिकार को लेकर मतभेद बढ़े राज ठाकरे बाल ठाकरे के भतीजे हैं. वे एक करिश्माई वक्ता, कलाकार प्रवृत्ति के नेता और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के संस्थापक हैं. 2006 में शिवसेना से अलग होकर उन्होंने एमएनएस बनाई. उनकी राजनीति में मराठी भाषा, संस्कृति और शहरी मुद्दों पर जोर दिखता है.

Read More

भारत के चर्चित स्टैंड-अप कॉमेडियन, लेखक और सामाजिक-राजनीतिक व्यंग्यकार हैं. वे अपने तीखे, बेबाक और सत्ता-विरोधी हास्य के लिए जाने जाते हैं. उनकी कॉमेडी अक्सर राजनीति, मीडिया, सत्ता संरचना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहती है. कुणाल कामरा का जन्म 3 अक्टूबर 1988 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ. उन्होंने मुंबई के जय हिंद कॉलेज में पढ़ाई शुरू की, लेकिन मीडिया और मनोरंजन के क्षेत्र में रुचि के कारण कॉलेज बीच में ही छोड़ दिया. इसके बाद उन्होंने प्रसून पांडे की विज्ञापन कंपनी में प्रोडक्शन असिस्टेंट के रूप में काम किया, जिससे उन्हें रचनात्मक दुनिया की समझ मिली.…

Read More

निधि भसीन भारत की जानी-मानी सामाजिक विकास विशेषज्ञ, CSR और कॉरपोरेट–सोशल पार्टनरशिप की अग्रणी प्रोफेशनल हैं. वे लंबे समय तक NASSCOM Foundation की CEO (Chief Executive Officer) रहीं और भारत में टेक्नोलॉजी आधारित सामाजिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

Read More

एकनाथ शिंदे का जन्म 9 फरवरी 1964 को महाराष्ट्र के सातारा जिले में हुआ. उनका परिवार बाद में रोज़गार की तलाश में ठाणे आ गया. शुरुआती जीवन आर्थिक संघर्षों से भरा रहा. उन्होंने ऑटो-रिक्शा चलाने और छोटे-मोटे काम करके परिवार का सहारा दिया. इसी दौर ने उन्हें आम जनता के दर्द ने राजनीति से जोड़ा.

Read More

प्रकाश राज भारतीय सिनेमा के एक बहुआयामी अभिनेता, निर्माता, निर्देशक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े सार्वजनिक व्यक्तित्व हैं. उन्होंने कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी फिल्मों में सशक्त अभिनय से विशेष पहचान बनाई है.

Read More

सोचना जरूरी है! फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी और क्रिकेटर विराट कोहली के स्वागत में उमड़ी बेकाबू भीड़ व भगदड़ ने व्यक्ति पूजा और अंधभक्ति की गंभीर समस्या उजागर की. एक झलक की चाह में लोग जान जोखिम में डालते दिखे. चिंताजनक यह कि युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही, जो देश के भविष्य हैं और विकास की रीढ़ माने जाते हैं…

Read More

कक्षा 10 से पहले आंचल भाठेजा की आंखों की रौशनी चली गई, लेकिन उन्होंने कभी अपने सपनों को अंधेरे में नहीं जाने दिया. उन्होंने न सिर्फ कक्षा 12 में टॉप किया, बल्कि नेशनल लॉ स्कूल, बेंगलुरु में पहली नेत्रहीन छात्रा बनकर दाखिला लिया और ऑनर्स के साथ ग्रेजुएशन पूरा किया. अंधेरे से अदालत तक : आंचल भटेजा की असाधारण संघर्षगाथा आंचल भटेजा ने बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले अपनी आंखों की रोशनी खो दी थी. फिर भी उन्होंने अपने सपनों को जीवित रखने का फैसला किया. इसके लिए उन्होंने अपने साथियों की तुलना में दोगुनी मेहनत की. वैसे तो आंचल…

Read More

दीपेश कुमार, आईएएस वर्तमान में सहरसा (बिहार) के जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं. वे जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारी हैं और विकास, कानून-व्यवस्था, जनकल्याण व आपदा प्रबंधन जैसे अहम क्षेत्रों में प्रशासनिक नेतृत्व निभा रहे हैं.

Read More